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यह संग्रह उर्दू-हिन्दी शायरी के तीन अमर सितारों – मोहम्मद इब्राहीम ज़ौक़, मीर तकी मीर और मिर्ज़ा ग़ालिब – की चुनिंदा और प्रतिनिधि शायरी को समर्पित है। इश्क़, दर्द, दर्शन और इंसानियत के अनमोल रंग इसमें झलकते हैं।
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मीर तकी मीर उर्दू शायरी की नींव हैं। "Mashhoor Shayaro Ki Numainda Shayari – Meer" ईबुक में पढ़ें उनकी वो ग़ज़लें जो दर्द, मोहब्बत और तन्हाई को लफ्ज़ों में ढाल देती हैं। हर शेर एक एहसास है।