90% OFF
"Nirmala" मुंशी प्रेमचंद की एक ऐसी कालजयी रचना है जो समाज की रूढ़िवादी सोच, दहेज प्रथा और स्त्री शोषण की गहरी पड़ताल करती है। यह उपन्यास एक युवा लड़की की कहानी है जिसे अपने से कहीं अधिक उम्र के पुरुष से शादी करनी पड़ती है, और उसके बाद जो मानसिक पीड़ा, सामाजिक अवहेलना और पारिवारिक विडंबनाएं आती हैं, वो हर पाठक को झकझोर कर रख देती हैं। यह किताब केवल पढ़ने के लिए नहीं, समझने और महसूस करने के लिए है।